Lesson on life(जिंदगी पर सबक )

हमारे जिंदगी में जो कुछ होता है। अच्छा या बुरा जो भी होता है हम वही से ही बोहोत कुछ सिख लेते है। ज्यादातर लोग अपनी जिंदगी से खुश नहीं होते। क्यू ?

मेरे पास इस क्यू का उतर एक आसान सी छोटी स्टोरी में छुपा हुआ है।

एक बुद्धिमान व्यक्ति दर्शकों के बीच जाक बैठ गया। और एक चुटकुला सुनाया। हर कोई पागलो की तरह हँसाने लगा। फिर उस व्यक्ति ने वही चुटकुला दुबारा सुनाया इस बार सिर्फ आधे लोग ही हसे बोहोत कम लोगो को हाशि आई। फिर उस व्यक्ति ने फिर से यही एक जैसा चुटकुला दुबारा सुनाया अब तो कोई हँसा नहीं। सही बात है न एक जैसे जॉक्स पर कोई कितनी बार हसेगा फिर उस व्यक्ति बोलो “आप सब लोग एक जैसे चुटकुले या एक जैसी मज़ाक पर नहीं हँस सकते तो फिर आप एक ही बात को लेके क्यों बार बार रोते रहेते हो ?”

हम अपनी ख़ुशी से इतनी बार खुश नहीं हो सकते जीतनी बार हम अपने दुःख से दुखी हो सकते है। हमें किसी की ख़ुशी में अपनी ख़ुशी नहीं दिखाई देती सायद दुसरो की ख़ुशी में हम खुश होते ही नहीं है। पर दुसरो के दुःख में हमें अपना दुःख जरूर याद आएगा। या फिर दुसरो के दुःख में हम अपना दुःख भी जोड़ लेते है। चलो ना मिल के दुःखी होते है।

जीवन के प्रति हमारा दृष्टिकोण हमारे प्रति जीवन के दृष्टिकोण को निर्धारित करेगा।

यदि आपको लगता है कि जीवन में कुछ अनुचित या आपके साथ बुरा हो रहा है, फिर वह बुरी चीज हमेशा आपके साथ होती है, क्यों की अपने ही वैसा सोच के रखा है। तो संभावना यह है कि जीवन आपके साथ गलत व्यवहार करेगा, और आपके पास हमेशा शिकायत करने के कई कारण होंगे। क्योंकि दुःख अक्सर किसी कारण से निर्मित होता है.

आकर्षण का भी एक नियम है, और इस कानून के आधार पर, आप अपने जीवन में आकर्षित होते हैं, जो आप दिन भर सोचते हैं, आप उसे आकर्षित करते हैं आप कुछ न करते हुए सिर्फ दुःख को लेके बैठे रहोगे तो दुःख ही मिलेगा और फिर वही बार बार रोना। अगर आप अपने जीवन में सिर्फ खुश हो तो फिर कोई परेशानी ही नहीं बचती। आप के पास शिकायत करने के लिए कुछ नहीं है। भला ख़ुशी से किस को शिकायत होती है।

जिंदगी का मोरल या जीवन का सबक ये होता है की जिंदगी आपको केसा और क्या बना रही है।

आप अपने आप में परिवर्तन ला सकते हो। धैर्य ला सकते हो। खुद से प्यार कर सकते हो। अपना व्यव्हार सुधार सकते हो। बोहोत कुछ हो सकता है आपकी जिंदगी में पर ये तभी मुमकिन है जब आप खुद को खुश रहना सिखाये। और अपने दुःख को ज्यादा फैलने न दे। जो चीज आपको अंदर से चोट देती है वो आपको कुछ सिखाती है। आपको वही सीखना है। अगर आप फ़ैल नहीं होते तो आप सायद बोहोत कुछ शिख ही नहीं पाते। किसी चीज स्वीकार न सीखे। आपको खुद ब खुद ख़ुशी मिल जाएगी।

जीवन पर सबक यही है की असफलता और दुःख को लेके मत बैठ रहो। आपको जो भी सीखना है उसी से सीखना है।

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